Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 15, 2020 टूट कर बिखर गया था सूखे पत्तों की तरह, आसमां से बरस पड़े क्यूँ अमृत बूंदो की तरह, दे सहारा उठा लिया जब पहरेदारो की तरह, इश्क़ की खाई में क्यूँ फिर गिराया बेदर्दी की तरह।। अंकित के कलम से.. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps